रायपुर, 16 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे की विफलता से ध्यान हटाने के लिए कलेक्टरों की वेशभूषा का मुद्दा उठाया गया है।
बघेल ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में कहा कि राज्य सरकार नई राजधानी में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम नहीं करा सकी। प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए विशाल पंडाल बनाने में हुए घोटाले के बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी में 500 से अधिक ग्रामीणों को नक्सलियों ने बंदी बनाया था, जो सरकार की विफलता है। इस बारे में चर्चा से ध्यान बंटाने के लिए दो कलेक्टरों के ड्रेस कोड का मुद्दा उठाकर उन्हें नोटिस दिया गया।
बघेल ने कहा कि सच्चाई यह है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार किसानों की जमीन हड़पने में लगी है। मुद्दा तो है 2100 रुपये धान का समर्थन मूल्य, 300 रुपये बोनस, गरीबों के राशन कार्ड की बड़ी तादाद में निरस्तीकरण, मगर इन सबसे ध्यान हटाने के लिए ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया जा रहा है, जिसका कोई फायदा या नुकसान नहीं है।
कांग्रेस नेता के अनुसार, वर्ष 2012 के सर्वे के आधार पर निराश्रित गरीबों को वृद्धावस्था पेंशन देने जैसे विषयों से ध्यान हटाने के लिए एक अधिकारी के चश्मे के रंग पर बहस छेड़ दी गई। फिजूल की बहस छेड़कर पूरी सरकार प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की विफलता से ध्यान हटाने के प्रयास में लगी है।
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