प्रशासन ने मंगलवार को बताया कि गोरोनगोरो संरक्षण क्षेत्र से बाहर निकले आठ शेरों को ग्रामीणों ने मार गिराया। गोरोनगोरो संरक्षण क्षेत्र प्रशासन (एनसीएए) के मुख्य संरक्षक फ्रेडी मैंनोंगी ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में घट रही शेरों और हाथियों की संख्या के लिए मानव-वन्यजीव संघर्षो को मुख्य कारण बताया है।
मैंनोंगी ने कहा, “यह काफी दुखद है कि पिछले साल सात शेरों की मौत हो गई और कुछ दिन पहले एक शेर को भी मार गिराया गया।” मैंनोंगी ने कहा कि स्थानीय लोगों और कृषकों द्वारा वन्यजीव क्षेत्रों में हमला करने की वजह से ये संघर्ष बढ़े हैं।
अधिकारी का कहना है, “शेर जैसे मांसाहारी जानवर लोगों पर हमला करते हैं और बदले में मानव भी उनका शिकार करते हैं।”
ताजा मामले में एनसीएए के जवानों को तेंदुओं की दो मांद मिली है। मैंनोंगी ने कहा कि शिकार के खिलाफ तो अभियान चला ही हुआ है।
उन्होंने कहा, “हमें 8,292 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले संरक्षण के लिए नियमित गश्ती करनी होगी।”
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