पक्षी विशेषज्ञों ने यूडीएसएस के जीव विज्ञान विभाग की ओर से विश्व प्रवासी पक्षी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक परिचर्चा में यह मांग उठाई। विश्व प्रवासी पक्षी दिवस आमतौर पर हर साल 10 मई को मनाया जाता है।
परिचर्चा की शुरुआत में यूडीएसएम में जीवविज्ञान विभाग की प्रमुख एवं वरिष्ठ लेक्चरर डा. फ्लोरा मैगाइग ने कहा कि उन्होंने हालिया वर्षो में देखा है कि अवैध शिकार व सौदेबाजी के चलते प्रत्येक साल प्रवासी पक्षियों की एक बहुत बड़ी संख्या लुप्त होती जा रही है।
उन्होंने कहा, “इन अवैध गतिविधियों के पीछे अलग-अलग मकसद हैं और वे हर साल लाखों पक्षियों की जान लेकर जो नुकसान पहुंचा रहे हैं, वो असाधारण हैं।”
अन्य वरिष्ठ लेक्चरर डा. जैसन जॉन ने कहा कि तंजानिया में अवैध पक्षी व्यापार यूरोप के आकर्षक बाजार की वजह से है, जो तंजानिया से पक्षी खरीदता है।
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