चेन्नई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। अपनी मांगों को लेकर करीब 55,000 बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण मंगलवार को तमिलनाडु के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संगठन के महाप्रबंधक सी.एच. वेंकटचलम ने आईएएनएस से कहा, “यह सुबह से शाम तक की हड़ताल है, क्योंकि बैंकों में चेक क्लीयरिंग का काम सुबह छह बजे शुरू हो जाता है। 10,300 शाखाओं के कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र के प्रति नीतियों के विरोध में हड़ताल कर दी है।”
वेंकटचलम ने कहा कि इस बीच करीब 7,300 करोड़ रुपये मूल्य के करीब 12 लाख वित्तीय साधन क्लीयर नहीं होंगे।
बैंक शाखाओं के बंद होने के कारण एटीएम मशीनें भी सामान्य समय से पहले खाली हो सकती हैं।
हड़ताल के कारण सरकारी निधि का लेनदेन, विदेशी मुद्रा लेनदेन, ऋण मंजूरी और अन्य कामकाज भी प्रभावित होगा।
सामान्य तौर पर दक्षिण, पश्चिम और उत्तर (चेन्नई, मुंबई और दिल्ली) से संचालित तीन क्लीयरिंग ग्रिड्स से हर रोज करीब 20,000 करोड़ रुपये मूल्य के औसतन 40 लाख चेक और वित्तीय साधनों का लेनदेन होता है।
एआईबीईए ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि 17 सूत्री मांगों में प्रमुख मांग सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को पर्याप्त पूंजी देने से इनकार किए जाने से संबंधित है, जिससे निजीकरण की स्थिति पैदा होगी।
एआईबीईए ने कहा, “बैंकों के निजीकरण का अर्थ है कि हमारे बैंकों में मौजूद आम जनता के 80 लाख करोड़ रुपयों का निजीकरण हो जाएगा।”
संगठन ने कहा, “यह देश और जनता के लिए जोखिमभरा है। बैंकों के निजीकरण से कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण नहीं मिल पाएगा।”
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