नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को तमिलनाडु के कोलाचेल के नजदीक एनायम में एक प्रमुख बंदरगाह के निर्माण को ‘नीतिगत’ मंजूरी दे दी।
इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। फैसले के मुताबिक इस नए बंदरगाह के निर्माण के लिए विशेष प्रयोजन माध्यम संस्था (एसपीवी) का गठन किया जाएगा।
तीन प्रमुख बंदरगाह ट्रस्ट के माध्यम से पूंजी जुटाई जाएगी, जिनमें वी. वो. चिदंबरम पोर्ट ट्रस्ट, चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट और कामारजार पोर्ट लिमिटेड शुरुआती इक्विटी योगदान करेगी।
एसपीवी इस बंदरगाह की अवसंरचना को विकसित करेगी और कनेक्टिविटी लिंक और ब्रेकवॉटर का निर्माण करेगी।
केंद्र सरकार के मुताबिक, भारत में बहुत कम ही बंदरगाह हैं, जहां अंतर्राष्ट्रीय माल वाहक जहाजों के आ सकने लायक पर्याप्त ढांचा है।
वर्तमान में भारत के सभी पानी के जहाजों का यातायात कोलंबो, सिंगापुर और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाहों से संचालित किया जाता है, जिससे भारत के बंदरगाह उद्योग को सालाना 1,500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होता है।
सरकार ने कहा कि एनायम में एक प्रमुख बंदरगाह की स्थापना से न सिर्फ देश को फायदा होगा, बल्कि यह पूर्व से पश्चिम की ओर के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यातायात में भी अहम भूमिका निभाएगा।
एनायम बंदरगाह से दक्षिण भारतीय निर्यातकों की लागत भी घटेगी, क्योंकि फिलहाल वे कोलंबो या अन्य दूसरे बंदरगाह पर निर्भर हैं और उन्हें अतिरिक्त हैंडलिंग शुल्क भी चुकाना पड़ता है।
इससे पहले आईएएनएस के साथ बातचीत में सड़क यातायात, राजमार्ग और शिपिग मंत्री पोन राधाकृष्णन ने बताया कि इस प्रस्तावित बंदरगाह से 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा तथा इस क्षेत्र की आर्थिक सूरत बदल जाएगी।
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