बीजिंग, 10 मई (आईएएनएस)। चीन के एक प्रवक्ता ने कहा कि ताइवान प्रशासन को 1992 की सहमति को स्वीकार कर एक चीन के सिद्धांत का समर्थन करना चाहिए और हाल में बंद चल रहे दो देशों के बीच संवाद को फिर से शुरू करना चाहिए।
बीजिंग, 10 मई (आईएएनएस)। चीन के एक प्रवक्ता ने कहा कि ताइवान प्रशासन को 1992 की सहमति को स्वीकार कर एक चीन के सिद्धांत का समर्थन करना चाहिए और हाल में बंद चल रहे दो देशों के बीच संवाद को फिर से शुरू करना चाहिए।
ताइवान मामलों के स्टेट काउंसिल कार्यालय के एक प्रवक्ता, फेंगशन ने कहा कि 1992 की सहमति को मंजूरी न देकर ताइवान की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी(डीपीपी) ने दोनों देशों के संबंधों के शांतिपूर्ण विकास की समान राजनीतिक स्थापना को कमजोर किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा, “दोनों देशों के बीच बंद पड़े संबंधों को खत्म करने के लिए ताइवान को समान मौलिक राजनीतिक आधारों पर वापस लौटना होगा। इसके अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं।”
उसने कहा, “अलग रास्ते का मतलब भिन्न विकास की संभावनाएं। यदि ताइवान प्रशासन टकराव और मुकाबले का अपना पुराना रास्ता चुनता है तो यह दोनों देशों के लोगों की इच्छा के साथ टकराव होगा।”
एक रपट के अनुसार, ताइवान के नेता साइ इंग-वेंग ने 1992 में हुई सहमति को मई 2016 में अपना पदभार संभालने के बाद मानने से इंकार कर दिया था। जिसके चलते दोनों देशों के बीच संवाद प्रणाली बंद हो गई थी।
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