चीन ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इस तरह के कदम से चीन-अमेरिका के संबंध खराब होंगे।
अमेरिकी कांग्रेस ने बुधवार को इसकी घोषणा की।
इस समझौते के तहत अमेरिका ताइवान को दो पेरी-क्लास गाइडेड मिसाइल, टैंक रोधी मिसाइल, एएवी-7 (एम्फिबियस असॉल्ट व्हीकल्स), सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण बेचेगा।
चीन के उप विदेश मंत्री झेंग जेगुआंग ने चीन में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी काय ली को तलब किया और अमेरिका द्वारा ताइवान में हथियारों की बिक्री पर आपत्ति दर्ज कराई।
झेंग ने कहा, “ताइवान, चीन का अभिन्न अंग है। चीन ताइवान में अमेरिका द्वारा हथियारों की बिक्री का विरोध करता है।”
उन्होंने कहा कि ताइवान में हथियारों की बिक्री अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के बुनियादी नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही यह चीन-अमेरिका की संयुक्त घोषणाओं के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे चीन की संप्रभुता तथा सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंच रहा है।
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