इस्लामाबाद, 8 जुलाई (आईएएनएस)। अफगानिस्तान और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच पाकिस्तान के मुरी में पहले दौर की शांति वार्ता बुधवार को समाप्त हो गई, जिसमें दोनों पक्षों ने शांति एवं सुलह की प्रक्रिया के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को लेकर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।
पाकिस्तान की मेजबानी में अफगानिस्तान शांति एवं पुन:एकीकरण कार्यक्रम के अधिकारियों ने तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। यह दोनों ओर से आमने-सामने हुई पहली बैठक थी। वार्ता राजधानी इस्लामाबाद के पास पर्वतीय क्षेत्र मुरी के एक रिजॉर्ट में हुई। मुरी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के रपट के अनुसार, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “अगली बैठक की तारीख रमजान के बाद आपसी सहमति और सुविधा के अनुसार तय की जाएगी।”
अफगानिस्तान की ओर से चार सदस्यीय वार्ताकार प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उप विदेश मंत्री हिकमत खलील करजई ने की। प्रतिनिधिमंडल में उच्च शांति परिषद के प्रतिनिधि और राष्ट्रपति के सलाहकार भी थे।
तालिबान की तरफ से वार्ता में तीन प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी पक्ष तालिबान वार्ताकारों के नाम और पद को लेकर मौन हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस शांति वार्ता की सराहना की। वह इस समय ओस्लो में हैं।
उन्होंने कहा, “यह शांति वार्ता बेहद महत्वपूर्ण थी।”
नवाज ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी इस प्रक्रिया को बाधित नहीं कर पाए। यह न सिर्फ अफगानिस्तान, पाकिस्तान और अन्य पक्षों का दायित्व है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का भी दायित्व है।”
विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
मंत्रालय ने कहा, “हम शांति के मसले पर संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य सभी सहयोगियों का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता एवं विकास के क्षेत्र में योगदान दिया है।”
dharmpath.com dharmpath