पटना, 28 मई (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की मंगलवार को हुई बैठक में पूर्व मंत्री और राजद नेता तेजप्रताप यादव तो नहीं पहुंचे, परंतु उन्होंने अपने भाई और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को एक पत्र लिखकर कई मामलों पर निशाना साधा है तथा नसीहत दी है कि असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने पत्र में तेजस्वी को ‘अर्जुन’ कहकर संबोधित करते हुए लिखा है कि साफ और समर्पित लोगों को ही उम्मीदवार बनाना चाहिए था।
तेजप्रताप ने अपना दर्द व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ दो सीटें ही मांगी थीं। उन्होंने हार की जिम्मेदारी की चर्चा करते हुए कहा कि जिसने टिकट बांटा और जो चुनाव लड़े, उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।
उन्होंने लिखा, “2019 के परिणाम हम लोगों के लिए अच्छे नहीं रहे, लेकिन इसको लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। 2020 के लिए मजबूती के साथ एकजुट होकर आपसी सामंजस्य बनाते हुए लड़ने की बात कह रहा हूं।”
उन्होंने एक कविता के माध्यम से अपनी बात रखी है, “असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो। क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन त्यागो तुम। संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम। कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।”
इसके बाद तेजप्रताप ने ट्वीट किया, “जिसको तेजस्वी के नेतृत्व पर कोई शक है वे राजद छोड़ दें।”
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