वाशिंगटन, 9 मई (आईएएनएस)। मछलियों की कुछ प्रजातियां अपने शरीर का तापमान बढ़ाकर तैरने की गति और दूरी में खासा इजाफा कर लेती हैं। एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ।
मछलियों की कुछ प्रजातियों में धमनी और शिरा आपस में बेहद सटे हुए होते हैं, इस विशेषता के कारण वे अपने शरीर का तापमान पानी की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ा लेती हैं।
शार्क व टुना मछलियों की कुछ विशेष प्रजातियां अपने शरीर का तापमान बढ़ाकर उन मछलियों से दोगुनी दूरी और दोगुनी गति से तैर सकती हैं, जो अपने शरीर के तापमान में कोई परिवर्तन नहीं लातीं।
ये प्रजातियां गर्मरक्ती (वार्म ब्लडेड) जानवरों जैसे पेंग्विन तथा अन्य समुद्री स्तनधारियों की अपेक्षा दोगुनी दूरी तक तैर सकती हैं।
सांता बारबारा स्थित युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में जीव विज्ञानी जेन केसेल ने कहा, “ज्यादा गति से और ज्यादा दूरी तक तैरने की उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।”
उन्होंने उल्लेख किया, “ज्यादा तेज गति से तैरने के लिए उन्हें अपने शीतरक्ती (कोल्ड ब्लडेड) समकक्षों की तुलना में ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा खर्च करना पड़ता है।”
यह अध्ययन पत्रिका ‘प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइसेंज’ में प्रकाशित हुआ है।
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