तेदेपा विधायक वीरैया जेल भेजे गए

हैदराबाद, 7 जुलाई (आईएएनएस)। अदालत ने नोट के बदले वोट मामले में गिरफ्तार तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के विधायक सांड्रा वेंकट वीरैया को मंगलवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

तेलंगाना के भ्रष्टाचार निवारक ब्यूरो (एबीसी) ने सोमवार को विधायक को गिरफ्तार किया था और उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया।

दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश ने वीरैया को 21 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उन्हें चेरापल्ली जेल ले जाया गया। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि उन्हें विशेष श्रेणी का दर्जा दिया जाए।

एसीबी ने एक आवेदन दाखिल कर आगे की पूछताछ के लिए विधायक को पांच दिनों के लिए अपनी हिरासत मांगा, जबकि वीरैया के वकील ने उनकी जमानत की अर्जी दाखिल की। अदालत ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है।

इससे पहले, एसीबी ने अदालत को बताया कि इस मामले में तेदेपा विधायक को पांचवें आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। क्योंकि उनकी मौजूदगी के ठोस साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत में दायर आवेदन के मुताबिक, एसीबी ने कहा कि वीरैया ने अन्य आरोपियों से 32 बार फोन पर बात की थी।

अदालत को यह भी बताया गया कि वीरैया ने बीमारी का बहाना बनाकर पिछले महीने अस्पताल में भर्ती होकर पूछताछ से बचने की कोशिश की थी।

विधायक के वकील ने यह कहकर एसीबी की याचिका का विरोध किया कि एसीबी ने उनके मुवक्किल को गिरफ्तार करने से पहले विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी नहीं ली थी।

अदालत परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में वीरैया ने कहा कि उन्हें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सरकार द्वारा की गई साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है।

एसीबी ने बंजारा हिल्स स्थित अपने कार्यालय में दिनभर चली पूछताछ के बाद सोमवार शाम वीरैया को गिरफ्तार किया था।

इस मामले में गिरफ्तार होने वाले वीरैया तेदेपा के दूसरे विधायक है।

एसीबी ने इसके पहले शनिवार को उन्हें नोटिस जारी कर छह जुलाई को अपराह्न पांच बजे से पहले पेश होने का निर्देश दिया था।

एसीबी ने पूछताछ के लिए उन्हें पिछले महीने तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हो पाए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी अस्वस्थता का हवाला देते हुए एसीबी के समक्ष पेश होने के लिए 10 दिनों का समय मांगा था।

वीरैया, तेलंगाना के खम्माम जिले के सत्तापल्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

एसीबी ने नामित सदस्य एल्विस स्टीफन्सन को नरेंद्र रेड्डी के लिए वोट देने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश करने के आरोप में रेवंत रेड्डी को 31 मई को गिरफ्तार किया था।

एसीबी ने स्टीफन्सन की शिकायत पर रेड्डी सहित उनके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया था।

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