हैदराबाद, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। हैदराबाद के निकट तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के फार्महाउस में विश्व शांति व लोकहित के लिए कराए जा रहे पांच दिवसीय ‘आयुथ चंडी महायगम’ के दौरान रविवार को पंडाल में आग लग गई। इस घटना की वजह से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
आग मेडक जिले की एरावल्ली में स्थित फार्महाउस की यज्ञशाला में लगी। यहां पांच दिन तक अनुष्ठान चला। रविवार को अंतिम अनुष्ठान, पूर्णाहुति में राष्ट्रपति को भी शामिल होना था। राष्ट्रपति इस वक्त दक्षिण भारत के दौरे पर हैं। उन्हें हैदराबाद में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद यहां आना था।
राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन और उनकी पत्नी, मुख्यमंत्री राव और उनकी पत्नी ने अंतिम अनुष्ठान में हिस्सा लिया जो कि हजारों लोगों की मौजूदगी में 2000 पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुआ।
पुलिस ने कहा कि बांस व घास-फूंस की मदद से बनाई गई यज्ञशाला में हवनकुंड से उठी चिंगारी से आग लग गई।
अग्निशमनकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए फौरन आग पर काबू पा लिया।
आग लगने से यज्ञशाला व आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए फौरन वहां लगे बैरीकेड्स हटा दिए।
घटना भोजनावकाश के दौरान हुई। उस वक्त मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, अन्य हस्तियां और पुजारी यज्ञशाला में मौजूद नहीं थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि चंद मिनटों में ही स्थिति सामान्य हो गई और पूर्णाहुति को बिना किसी परेशानी के पूरा किया गया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने यज्ञ में आखिरी दिन हिस्सा लिया। परंपरागत परिधान में अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ पहुंचे नायडू ने अनुष्ठान में भाग लिया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री सुजना चौधरी और उप मुख्यमंत्री के.ई.कृष्णमूर्ति भी थे।
इस पांच दिवसीय महायज्ञ में अलग-अलग दिनों में तमिलनाडु के राज्यपाल के. रोसैया, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और बंडारू दत्तात्रेय, विभिन्न दलों के नेताओं, न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों और अन्य चर्चित हस्तियों ने हिस्सा लिया।
dharmpath.com dharmpath