तेल आयात घटाने के लिए पांच रणनीति (लीड-1)

नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि कच्चे तेल का आयात घटाने के लिए सरकार ने देश में तेल एवं गैस उत्खनन तथा उत्पादन को नई गति प्रदान करने के लिए अनेक नीतिगत कदम उठाए हैं। इसके तहत पांच रणनीति अपनाई गई है।

प्रधान राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि तेल के आयात पर निर्भरता वर्ष 2014-15 के दौरान 78.4 फीसदी रही। पिछले कुछ वर्षो के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के उत्पादन में स्थिरता देखने को मिली है। वर्ष 2013-14 के दौरान 3.7788 करोड़ टन और वर्ष 2014-15 के दौरान 3.746 करोड़ टन कच्चे तेल का उत्पादन हुआ।

देश में तेल एवं गैस उत्खनन तथा उत्पादन को नई गति प्रदान करने के लिए अपनाई गई रणनीति इस प्रकार है-

1. देश की सभी तलछटी घाटियों (सेडिमेन्टरी बेसिन) में हाइड्रोकार्बन संसाधनों का फिर से आकलन करने के लिए एक परियोजना।

2. देश की सभी तलछटी घाटियों के बगैर आकलन वाले क्षेत्रों का आकलन।

3. विभिन्न क्षेत्रों (फील्ड) से तेल की प्राप्ति बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय तेल कंपनियों (एनओसी) द्वारा नई प्रौद्योगिकियों जैसे बेहतर तेल प्राप्ति (आईओआर)/ज्यादा तेल प्राप्ति (ईओआर) को अपनाना।

4. उत्खनन अवधि की समाप्ति के बाद खनन पट्टे (एमएल) क्षेत्रों में उत्खनन के लिए नीति।

5. ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों जैसे कोल बेड मिथेन (सीबीएम), शैल गैस/शैल तेल एवं गैस हाइड्रेट्स उत्खनन को प्रोत्साहन देना।

उल्लेखनीय है कि कच्चे तेल का आयात अनेक कारकों पर निर्भर करता है। कच्चे तेल के नए उत्पादन में मिली सफलता, विदेश में परिसंपत्तियों अथवा इक्विटी ऑयल का सफल अधिग्रहण और संरक्षण के प्रयासों में मिली कामयाबी इन कारकों में शामिल हैं।

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