तेहरान, 8 जून (आईएएनएस)। ईरान के संसद भवन और देश के पूर्व सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी के मकबरे पर बुधवार को दो घातक हमलों को अंजाम देने वाले हमलावरों कां संबंध ईरान से ही है और इन्हें आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा भर्ती किया गया था। इन हमलों में 13 लोगों के मारे जाने की खबर है।
‘बीबीसी’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख रेजा सैफोलाही ने मीडिया को बताया कि ईरान के विभिन्न इलाकों से कई हमलावर आईएएस में शामिल हुए थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सैफोलाही के हवाले से बताया, “यह लोग सीरिया और इराक में आईएस के साथ सहयोग कर रहे थे लेकिन दोनों देशों में आईएस को हाल में हुए नुकसानों के बाद वापस लौट आए।”
कट्टरपंथी सुन्नी जिहादी समूह आईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ईरानी शिया मुस्लिमों पर और अधिक हमलों की धमकी दी है।
तेहरान में बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे एक साथ दोनों हमलों को अंजाम दिया गया।
सभी हमलावरों को मार गिराया गया है। तीसरे हमले को अंजाम देने की कोशिश में लगे पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।
इन आतंकवादी हमलों में 43 लोग घायल हुए हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमलों के लिए सऊदी अरब व अमेरिका को जिम्मेदार बताया है।
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