नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उस घटना पर क्षोभ जताया कि गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के पास चांदनी चौक पर जिस प्याऊ (पानी पिलाने का कियोस्क) को अदालत के आदेश के बाद बुधवार को तोड़ दिया गया था उसे रातोंरात फिर से बना दिया गया। अदालत ने उसे तत्काल हटाने और उस इलाके में चौबीसों घंटे पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उस घटना पर क्षोभ जताया कि गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के पास चांदनी चौक पर जिस प्याऊ (पानी पिलाने का कियोस्क) को अदालत के आदेश के बाद बुधवार को तोड़ दिया गया था उसे रातोंरात फिर से बना दिया गया। अदालत ने उसे तत्काल हटाने और उस इलाके में चौबीसों घंटे पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर एवं विभु बाखरू की खंडपीठ ने कहा, “आप दोबारा बनाने की इजाजत कैसे दे सकते हैं? वहां किसी को तैनात क्यों नहीं किया गया? यह अदालत को खुली चुनौती है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जो इसके लिए जवाबदेह हैं उन्हें हम अदालत की मानहानि का नोटिस जारी करेंगे।”
इसके साथ ही अदालत ने सिख समुदाय के दो नेताओं को नोटिस जारी किया जो बुधवार को उसे ध्वस्त करने के अभियान के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे जनसमूह का नेतृत्व कर रहे थे।
अदालत ने दिल्ली उत्तरी नगर निगम को वहां से पानी पिलाने के लिए बने प्याऊ को हटाने और अगले आदेश तक उस इलाके की घेराबंदी करने का आदेश दिया।
अदालत ने 28 अप्रैल को चांदनी चौक इलाके से दो हफ्ते के अंदर अवैध धार्मिक ढांचों सहित अतिक्रमण हटाने के लिए आदेश जारी किया गया था। इसके बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। बुधवार को इसके विरोध में प्रदर्शन हुआ और उस इलाके में हिंसा हुई।
पुलिस के साथ पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों ने जैसे ही प्याऊ वाला ढांचा ध्वस्त किया वैसे ही उस जगह पर श्रद्धालुओं की टोली जुटकर विरोध प्रदर्शन करने लगी। नगर निगम के कर्मचारी जैसे ही वहां से गए उन लोगों ने प्याऊ को फिर से बना दिया।
इस घटना को खुली चुनौती करार देते हुए अदालत ने आदेश दिया, “यदि कोई अदालत के आदेश में बाधा डालता है तो नगर के अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश के उल्लंघन के लिए उत्तरदायी होंगे।”
पुलिस के कहने पर अदालत ने पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज मंगाया है। इनमें प्याऊ का फिर से निर्माण करते समय का भी फुटेज शामिल है।
इलाके के पुलिस उपायुक्त को यह बताने को कहा गया है कि उस जगह सुरक्षा का बंदोबस्त कैसा किया गया था और पुलिस ने फिर से प्याऊ बनाने की इजाजत कैसे दी।
मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी होगी।
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