अगरतला, 10 मई (आईएएनएस)। नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के शीर्ष उग्रवादी सहित दो अन्य उग्रवादियों ने त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
त्रिपुरा पुलिस के प्रवक्ता उत्तम कुमार भौमिक ने आईएएनएस को बताया, “एनएलएफटी के सशस्त्र बल शाखा के उप प्रमुख अथराबाबू हलाम और दो अन्य उग्रवादियों ने पुलिस महानिदेशक के. नागराज के सामने शनिवार को हथियार डाल दिए।”
भौमिक ने बताया कि 42 वर्षीय हलाम ने पत्नी और चार बेटियों के साथ आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा, “वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एनएलएफटी और बांग्लादेश में उनके ठिकाने के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए इन उग्रवादियों से पूछताछ करेंगे।”
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये उग्रवादी आत्मसमर्पण करने के लिए बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाके में अपने ठिकाने से भागकर त्रिपुरा आए थे।
अधिकारी ने बताया कि दो अन्य उग्रवादियों में एनएलएफटी का सर्जेट मेजर उत्तम कुमार जमातिया और कार्पोरल कृष्ण मोहन देबबर्मा शामिल है।
भौमिक ने कहा, “हलाम इससे पहले उग्रवादी गुट से राजनीतिक पार्टी बनी त्रिपुरा नेशनल वॉलेंटियर्स (टीएनवी) का सदस्य था और 1988 में सरकार के समक्ष गुट के दूसरे सदस्यों के साथ आत्मसमर्पण कर चुका था।”
उन्होंने बताया, “केंद्र, त्रिपुरा सरकार और टीएनवी के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत उसे शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी दी गई थी, लेकिन 1993 में नौकरी छोड़कर वह एनएलएफटी में शामिल हो गया।”
त्रिपुरा पुलिस ने हलाम के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति को पांच लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, हलाम के आत्मसमर्पण में पुलिस अधीक्षक (विशेष शाखा) अरिंदम नाथ एवं सीमा सुरक्षा बल महानिरीक्षक बी. एन. शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
त्रिपुरा के दो प्रतिबंधित उग्रवादी गुट-एनएलएफटी और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स त्रिपुरा को भारत से अलग कराने के लिए संघर्षरत हैं। दोनों गुटों ने पड़ोसी देशों बांग्लादेश और म्यांमार में ठिकाना बनाया हुआ है, जहां से वे गुट और गतिविधियों का संचालन करते हैं।
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