बैंकाक, 23 जनवरी (आईएएनएस)। थाईलैंड अपने देश के हाईटेक इंडस्ट्री खास तौर से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोफ्यूल और पेट्रोकेमिकल में और भी ज्यादा चीनी निवेश का उत्सुक है। थाईलैंड की वाणिज्य मंत्री ने इस आशय की जानकारी दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में अतचाका सिबुनरुआंग का कहना है कि चीनी कंपनियों के लिए थाईलैंड में अवसरों की भरमार है। इसके लिए खासतौर से औद्योगिक समूहों के रूप में विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाए गए हैं। इनमें लगने वाली परियोजनाओं को कॉरपोरेट आयकर में छूट के अलावा कुछ समय तक आयकर में भी छूट दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हाल के सालों में बड़ी-बड़ी चीनी कंपनियों ने ऑटोमोटिव, रबर टायर और नवीनीकृत ऊर्जा में काफी निवेश किया है, जिन्हें थाईलैंड में काफी हाईटेक उद्योग माना जाता है। उन्होंने शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्री कॉरपोरेशन, लिंगलांग टायर्स (थाईलैंड), झोंगली टेलेसन सोलर (थाईलैंड) जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा, “हम इन क्षेत्रों में और भी चीनी कंपनियीं का निवेश चाहते हैं।”
आशियान के सदस्यों के बीच आशियान आर्थिक समुदाय के गठन को लेकर शून्य प्रतिशत टैरिफ दर है। इसे देखते हुए चीनी कंपनियां थाईलैंड को आधार बनाकर अपने उत्पाद आसियान देशों में बेच सकती है।
थाईलैंड में पिछले कुछ सालों में चीनी कंपनियों का निवेश काफी बढ़ा है, जोकि कई क्षेत्रों में फैला है। खासकर कृषि उत्पाद, खनिज और मिट्टी के बरतन, बल्ब उद्योग, वस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लाइंसेंज और अवसंरचना क्षेत्र में मंत्री के मुताबिक काफी निवेश किया गया है।
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