राष्ट्रपति सुरक्षा कार्यालय के प्रथम उप प्रमुख चाओ ताए-यांग ने राष्ट्रपति कार्यालय में कहा कि दक्षिण कोरिया अपने मित्र राष्ट्रों की निकटता से मदद करेगा और उत्तर कोरिया को परमाणु रहित बनाने के लिए छह-पक्षीय वार्ता में शामिल होगा। कहा गया कि डीपीआरके को इस परमाणु परीक्षण की कीमत चुकानी होगी।
सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद किए गए इस परीक्षण की दक्षिण कोरिया निदा करता है और यह परीक्षण जाहिर तौर पर सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है। उत्तर कोरिया को स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि अंतर्राष्ट्रीय परिषद और दक्षिण कोरिया उसके परमाणु हथियार रखने की बात को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
चाओ ने कहा कि उत्तर कोरिया की ओर से संभावित खतरा उत्पन्न होने के मद्देनजर सरकार अपने देश और देशवासियों की रक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है।
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