बीजिंग, 10 मई (आईएएनएस)। चीन ने बुधवार को दलाई लामा के साथ वरिष्ठ डेमोकेट्रिक नेता नैंसी पेलोसी की मुलाकात की निंदा करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम ने ‘तिब्बत की आजादी के समर्थन का गलत संकेत दिया है’।
बीजिंग, 10 मई (आईएएनएस)। चीन ने बुधवार को दलाई लामा के साथ वरिष्ठ डेमोकेट्रिक नेता नैंसी पेलोसी की मुलाकात की निंदा करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम ने ‘तिब्बत की आजादी के समर्थन का गलत संकेत दिया है’।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “धर्मशाला में दलाई लामा के साथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात का बाहरी दुनिया में तिब्बत की आजादी का समर्थन करने के बारे में बेहद गलत संकेत गया है और इससे तिब्बत की आजादी को समर्थन न देने की अमेरिकी सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लंघन हुआ है।”
उल्लेखनीय है कि पेलोसी और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के कुछ सदस्यों ने भारत में स्थित धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात की, जहां वह 1959 से अपने घर से निर्वासित होने के बाद से रह रहे हैं।
गेंग ने कहा, “14वें दलाई लामा राजनीतिक निर्वासन में हैं और वह लंबे समय से धर्म के नाम पर दूसरे देशों में चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।”
गेंग ने कहा, “वह तिब्बती स्वतंत्रता समूह के अध्यक्ष भी हैं।”
उन्होंने कहा, “हम इसका कड़ा विरोध करते हैं और अमेरिका के समक्ष अपना विरोध दर्ज कर चुके हैं।”
उन्होंने कहा, “हम अमेरिका के संबंधित कांग्रेस नेताओं से तिब्बत से संबंधित मुद्दों के साथ सही प्रकार से निपटने और दलाई लामा के साथ सभी प्रकार के संपर्क खत्म करने और इस मुलाकात के नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह करते हैं।”
पिछले महीने भारत ने दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने की अनुमति दी थी, चीन जिसे दक्षिणी तिब्बत कहता है और उस पर अपना दावा करता है।
चीन ने दलाई लामा के उस दौरे की निंदा करते हुए पूवरेत्तर राज्य के छह शहरों के नाम बदल दिए थे।
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