नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा दाखिल मानहानि के एक मामले में दो दस्तावेजों की मांग करने वाली राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को स्वीकृति दे दी।
10 फरवरी, 2003 और छह अप्रैल 2003 के दो दस्तावेज दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की बैठकों के मिनट से संबंधित हैं। न्यायमूर्ति मनमोहन ने केजरीवाल की याचिका को स्वीकार कर लिया।
केजरीवाल ने अदालत से मांग की थी कि 12 फरवरी को होने वाली जेटली से जिरह के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत है।
हालांकि, अदालत ने केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने 1999 से 2013 के बीच क्रिकेट इकाई की बैठकों के सभी मिनट की जानकारी मुहैया कराने की मांग की थी। उस दौरान जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे। अदालत ने कहा कि वह नहीं समझ सकते हैं कि बैठक के यह मिनट कैसे केजरीवाल के खिलाफ इस मानहानि के मामले से संबंधित हैं लेकिन उन्हें आजादी दी जाती है कि वह सही प्रारूप में दूसरा आवेदन दाखिल करें।
जेटली द्वारा दायर किए गए डीडीसीए मानहानि मामले के संबंध में केजरीवाल द्वारा जेटली से जिरह की जानी है।
दिसंबर 2015 में जेटली ने केजरीवाल और आप नेता कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक बाजपेयी के खिलाफ सिविल मानहानि का मामला दाखिल किया था और दावा किया था कि उन्होंने डीडीसीए मामले में झूठे और अपमानजनक बयान देकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है।
जेटली ने केजरीवाल और अन्य आप नेताओं से 10 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है।
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