टोरंटो, 10 मई (आईएएनएस)। जो लोग अपने भोजन में सब्जियों, फलों, मछली, मेवे, सोया उत्पादों की अधिक मात्रा और शराब की कम मात्रा का सेवन करते हैं, उनकी चिंतन-मनन की क्षमता बढ़ती उम्र में भी अच्छी रहती है। यह बात एक नए शोध में सामने आई है।
ओंटेरियो के मैकमास्टर विश्वविद्यालय की एक टीम ने अपने शोध में 40 देशों के 28 हजार लोगों के स्वास्थ्य और उनकी आदतों का अध्ययन किया।
शोधार्थियों के मुताबिक, जिन 5,700 लोगों की भोजन शैली स्वस्थ्य थी, उनमें सिर्फ 14 फीसदी लोगों की चिंतन क्षमता में गिरावट आई।
साथ ही जिन 5,460 लोगों की खान-पान की आदत स्वस्थ्य नहीं थी, उनमें 18 फीसदी लोगों की चिंतन क्षमता में गिरावट दर्ज की गई।
शोधार्थियों ने अस्वस्थ्य भोजन में रेड मीट, तेल में तले भोजन और मिठाइयों को रखा।
फोर्ब्स पत्रिका में प्रकाशित रपट के मुताबिक, स्वस्थ्य भोजन भी यदि अस्वस्थ्य तरीके से लिया जाए, तो फायदा कम हो जाता है।
उदाहरण के तौर पर फल फायदेमंद है, लेकिन यदि इसे अधिक फैट और चीनी के साथ लिया जाए, तो उसका फायदा कम हो जाता है।
अध्ययन के लेखक एंड्र स्मिथ ने कहा, “हमारे आंकड़े के मुताबिक समग्र तौर पर स्वस्थ्य भोजन होना चाहिए, न कि किसी एक भोजन पर जोर दें।”
स्वस्थ्य भोजन में भरपूर एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं और वे मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन होते हैं।
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