दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में भ्रम की स्थिति

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बुधवार को भी कम ही रही, क्योंकि अभी भी अधिकांश लोगों को नहीं पता है कि रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली है।

डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति में शाम तक और सुधार आ जाएगा।

बी. आर. अम्बेडकर अस्पताल में काम कार्यरत वरिष्ठ रेजीडेंट डॉक्टर पंकज सोलंकी ने कहा, “चूंकि हड़ताल मंगलवार की देर रात वापस ली गई, इसलिए लोगों तक इसकी सूचना अब तक नहीं पहुंच सकी है।”

उन्होंने बताया कि हड़ताल करने वाले सभी रेजीडेंट डॉक्टरों से अतिरिक्त समय तक चिकित्सा सेवा देने के लिए कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के 25 सरकारी अस्पतालों के 20 हजार से अधिक रेजीडेंट डॉक्टर सोमवार को जीवनरक्षक दवा की उपलब्धता, कार्यस्थल पर सुरक्षा, काम के तय घंटे और समय से वेतन देने की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल पर चले गए थे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मांगें मानने का आश्वासन मिलने के बाद मंगलवार की रात हड़ताल वापस ले ली गई।

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक प्रदीप कुमार ने कहा, “दोपहर 12.0 बजे तक अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या काफी कम रही। अब धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सभी रेजिडेंट डॉक्टरों ने अतरिक्त समय तक सेवा प्रदान करने पर सहमति जताई है।”

सफदरजंग अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित कुमार ने भी बताया कि मरीजों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा काफी कम रही।

मोहित ने आईएएनएस से कहा, “शाम के समय 70 फीसदी रेजिडेंट डॉक्टरों से अतिरिक्त समय तक चिकित्सा सेवा देने के लिए कहा गया है। हड़ताल के कारण पिछले दो दिनों में काफी मरीजों को एम्स भेज दिया गया। लेकिन हड़ताल समाप्त होने के बाद हमें उम्मीद है कि शाम के समय मरीजों के आने की गति बढ़ेगी।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493