नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी विकास परियोजना के काम में जुटे दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम (डीएमआईसीडीसी) ने औद्योगिक विकास में निवेश संभावनाओं को बढ़ावा देने में मदद देने के उद्देश्य से ज्ञान, संसाधन एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्च र फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।
डीएमआईसी विकास निगम (डीएमआईसीडीसी) भारत की सबसे बड़ी विकास परियोजना के रूप में पश्चिमी औद्योगिक कॉरिडोर का विकास कर रहा है, जबकि आईआईएफसीएल महत्वपूर्ण एवं व्यवहार्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लंबी अवधि के वित्तपोषण प्रदान करता है। दोनों संगठनों ने शुक्रवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आईआईएफसीएल ने डीएमआईसी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। इन परियोजनाओं में हवाईअड्डे, शहरी सार्वजनिक परिवहन, ऊर्जा, सामाजिक और वाणिज्यिक बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
इस समझौता ज्ञापन के तहत, डीएमआईसीडीसी आईआईएफसीएल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (आईपीएल) जैसी आईआईएफसीएल की सहायक कंपनियों की भी सेवाएं ले सकेगी, जो मूल्यांकन, पीपीपी संरचना और बोली प्रक्रिया प्रबंधन जैसी वित्तय परामर्श सेवाओं में विशेषज्ञ है। इसके अलावा आईआईएफसी (यूके) की सेवाएं भी ले सकेगी जो भारत में ढांचा परियोजनाओं के लिए घटकों के आयात में वित्तीय मदद प्रदान करने के लिए लंबी अवधि के विदेशी मुद्रा ऋण प्रदान करता है।
बयान के अनुसार, आईआईएफसीएल की ओर से समझौता ज्ञापन पर उप प्रबंध निदेशक संजीव कौशिक ने हस्ताक्षर किया।
कौशिक ने कहा कि दोनों संगठन अपने संसाधनों और विशेषज्ञताओं का आदान-प्रदान करके भारत में बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाएंगे।
उन्होंने कहा, “दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा जैसी परियोजनाएं भारतीय आर्थिक वृद्धि और विकास के भावी इंजन हैं। आईआईएफसीएल वित्तीय सहायता एवं तकनीकी जानकारी के जरिए एक दशक से बुनियादी ढांचा क्षेत्र की सहायता कर रहा है और हमने डीएमआईसी के लिए ऐसी ही प्रतिबद्धता जाहिर की है।”
डीएमआईसीडीसी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अल्केश शर्मा ने कहा कि आईआईएफसीएल के साथ साझेदारी महत्वपूर्ण समय पर हुई है, क्योंकि डीएमआईसी की परियोजनाएं योजना के स्तर से कार्यान्वयन के चरण में है।
उन्होंने कहा, “अपनी परियोजनाओं को मजबूत बनाने के लिए आईआईएफसीएल की क्षमताओं को पाकर तथा डीएमआईसी में निवेश संभावनाओं में बढ़ोतरी करके हम बहुत खुश हैं क्योंकि हमारी परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।”
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