नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने समाचार चैनल के दिवंगत पत्रकार अक्षय सिंह के विसरा की बुधवार को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच शुरू की, जबकि अस्पताल ने विसरा की टॉक्सिकोलॉजी जांच करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि ऐसा करने का उसे अधिकार नहीं है।
एम्स ने दिवंगत पत्रकार के विसरा की टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए मध्य प्रदेश पुलिस से उसे केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) भेजने का आग्रह किया है, जिसके बाद यह पता चलेगा कि कहीं उन्हें जहर तो नहीं दिया गया था।
अस्पताल द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, “हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में की गई है और इसका परिणाम एक माह के भीतर आने की संभावना है।”
बयान के मुताबिक, “एम्स ने जांच अधिकारी को विसरा रोहिणी स्थित सीएफएसएल भेजने की सलाह दी है, ताकि वहां उसकी टॉक्सिकोलॉजी जांच की जा सके और इस मामले में आवश्यक चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध कराने के प्रति आश्वस्त किया है।”
मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की रिपोर्टिग करते समय झाबुआ में समाचार चैनल आज तक के पत्रकार अक्षय सिंह की रहस्यमय परिस्थितियों में शनिवार को मौत हो गई थी। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मंगलवार को उनका विसरा एम्स लाया गया था।
अक्षय की मौत उस लड़की के माता-पिता के साक्षात्कार के तुरंत बाद हो गई थी, जिसका नाम व्यापमं घोटाले में उछलने के बाद साल 2012 में मौत हो गई थी।
साल 2013 से लेकर अब तक व्यापमं घोटाले से जुड़े 40 से अधिक लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है या उन्होंने खुदकुशी कर ली है।
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