इस्लामाबाद, 13 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एक अखबार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दिवाली पर दिए गए इस संदेश का स्वागत किया है कि देश के मुसलमानों को देश के हिंदुओं, सिखों, ईसाईयों, पारसियों एवं अन्य अल्पसंख्यकों को बराबरी का दर्जा देना होगा।
न्यूज इंटरनेशनल ने अपने संपादकीय “एंब्रेसिंग डाइवर्सिटी” में लिखा है कि “दिवाली समारोह में शामिल होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने संदेश से संकेत दिया है कि वह देश में उस सांप्रदायिक सौहार्द के लिए काम करना चाह रहे हैं जिसकी जरूरत अर्से से महसूस की जा रही है।”
संपादकीय में कहा गया है, “नवाज शरीफ का संक्षिप्त, बीच-बीच में भावुक भाषण दिल से निकला लग रहा था। इसमें वह इच्छा दिख रही थी जो देश को उस मुकाम पर ले जाना चाहती है जिसे बहुत पहले छोड़ा जा चुका है, जब पाकिस्तान की सीमा के अंदर रहने वाले विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच नफरत ने बहुत बड़ी खाई पैदा कर दी थी।”
अखबार ने लिखा है कि नवाज ने कहा कि वह उत्पीड़ित का साथ देंगे न कि उत्पीड़क का।
संपादकीय में लिखा गया है, “यह अपने आप में ही बहुत महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने (नवाज ने) सभी मुसलमानों का आह्वान किया कि वे अपने देशवासी हिंदुओं, सिखों, ईसाईयों, पारसियों और अन्य अल्पसंख्यकों को बराबर समझें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन सभी ने पाकिस्तान को बनाने में योगदान दिया है।”
प्रधानमंत्री ने हिंदू समुदाय से यह आग्रह भी किया कि वह उन्हें अपने त्योहारों में और अधिक बुलाए। उन्होंने कहा कि लोगों को सभी समुदायों के आयोजनों में हिस्सा लेना चाहिए क्योंकि इससे नजदीकियां बढ़ती हैं।
संपादकीय में कहा गया है कि प्रधानमंत्री का भाषण “एक पवित्र अवसर पर दिए गए साधारण भाषण से कहीं आगे की हैसियत रखता है।”
अखबार ने लिखा है कि अब अगला कदम यह होना चाहिए कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध करने वालों को दंडित किया जाए।
अखबार ने लिखा है, “अतीत में कितनी ही बार अपराधियों के साफ छूट जाने की वजह से ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिला। धर्म के नाम पर गांव जला दिए गए, लोगों को मार डाला गया, महिलाओं को अगवा कर लिया गया।”
अखबार ने लिखा है कि इस मामले में सफलता के लिए नवाज शरीफ को समारोहों में शामिल होने से कहीं आगे जाकर कदम उठाने होंगे।
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