दीमापुर हत्याकांड मामले पर असम विधानसभा में हंगामा

गुवाहाटी, 9 मार्च (आईएएनएस)। नागालैंड के दीमापुर शहर में दुष्कर्म के एक आरोपी की हत्या के मामले पर असम विधानसभा में बजट सत्र के पांचवे दिन सोमवार को जमकर हंगामा हुआ।

विधानसभा में हंगामा उस समय शुरू हुआ जब विपक्ष के कुछ सदस्यों ने असम के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक सिद्दीकी अहमद के बयान पर चिंता जाहिर की। अहमद ने कहा था कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी थी कि भीड़ दीमापुर में जेल पर टूट पड़ेगी और दुष्कर्म के आरोपी की हत्या कर देगी। उन्होंने कहा था कि मैंने इस बारे में असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को पांच मार्च की सुबह जानकारी दे दी थी।

अहमद ने रविवार को कहा था कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री को सूचित किया था और इस मामले को नागालैंड सरकार के सामने रखने के लिए कहा था।

अहमद ने आरोप लगाया कि हालांकि मुख्यमंत्री ने इस तरह की किसी घटना की संभावना को नकार दिया और मामले को नजरअंदाज कर दिया।

पूर्व सीमाक्षेत्र विकास मंत्री ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री इस मामले को पड़ोसी राज्य की सरकार के समक्ष उठाते तो घटना के शिकार व्यक्ति को बताया जा सकता था। अहमद को पिछले साल पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते मंत्रीपरिषद से बाहर कर दिया गया था।

विपक्षी विधायकों ने सिद्दीकी अहमद के बयान पर राज्य सरकार से सफाई मांगी है।

एआईयूडीएफ के विधायक रफीक-उल इस्लाम ने कहा, “अहमद कांग्रेस के विधायक हैं और उनका कहना है कि हत्याकांड से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने इसके बारे में मुख्यमंत्री को सूचित कर दिया था। हम सच जानना चाहते हैं। अगर उन्होंने मुख्यमंत्री को इस बारे में बताया था, तो फिर मुख्यमंत्री ने मामले के बारे में पड़ोसी राज्य को सूचित क्यों नहीं किया।”

असम गण परिषद के विधायक पदम हजारिका ने इस संबंध में सरकार के बयान की मांग करते हुए कहा, “अहमद कांग्रेस के विधायक हैं, और उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ आरोप लगाए हैं। हमें इसे गंभीरता से लेना चाहिए और मामले की जांच होनी चाहिए।”

असम सरकार के प्रवक्ता रकीबउल हसन ने हालांकि कहा कि चूंकि सरकार ने इस मामले में सभी आवश्यक कदम उठाए हैं इसलिए बयान की कोई आवश्यकता नहीं है।

असम विधानसभा के अध्यक्ष प्रणब गोगोई ने हालांकि आदेश दिया कि सरकार को इस मामले में केंद्र को लिखना चाहिए ताकि वह इस बात की पुष्टि कर सके कि जेल में धावा बोलकर दुष्कर्म के आरोपी फरीद खान की हत्या के संबंध में पहले से जानकारी थी अथवा नहीं।

इसी बीच कांग्रेस विधायक दल ने अहमद को उनके बयान पर एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है। असम कांग्रेस ने भी अहमद को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

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