देश का सबसे बड़ा बर्ड फेस्टिवल आगरा में 4 दिसंबर से

मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करेंगे। इस अवसर पर वन्य जीवों पर आधारित एक काफी टेबुल बुक भी जारी की जाएगी।

प्रमुख सचिव (वन) संजीव सरन ने बताया कि देश में पहली बार इतने भव्य स्तर पर बर्ड फेस्टिवल का आयोजन हो रहा है। इस फेस्टिवल से प्रदेश में पाये जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों के संबंध मंे जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही उनके संरक्षण पर भी विचार विमर्श होगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि फेस्टिवल में देश एवं विदेश के पक्षी विशेषज्ञ पक्षियों पर मंथन करके रिपोर्ट तैयार करेंगे।

इस अवसर पर एक कार्यशाला भी आयोजित होगी, जिसमें ख्याति प्राप्त फोटोग्राफर्स भी हिस्सा लेंगे। इनके द्वारा खींचे गए फोटोग्राफ्स को कार्यशाला में प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय स्कूली बच्चों को वन्य जीवों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करने का मौका मिलेगा। वे आर्ट शो के माध्यम से वन्य जीवों के प्रति अपने भाव प्रदर्शित करेंगे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चम्बल वन्य जीव विहार वास्तव में पक्षियों का स्वर्ग है। यहां स्थानीय, स्थानीय प्रवासी व प्रवासी पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है। शीतऋतु में राष्ट्रीय चम्बल वन्य जीव विहार में आने वाले प्रमुख प्रवासी पक्षिय में ग्रेटर व्हाईट फ्रण्टेड गूज, ग्रे लेग गूज, बार हेडेड गूज, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, नार्दर्न पिनटेल, डेमोसिल क्रेन, कॉमन क्रेन, कूट, ब्राउन हेडेड गल, ब्लैक हेडेड गल आदि शमिल हैं।

राष्ट्रीय चम्बल वन्यजीव विहार में इंडियन स्कीमर सारस, ब्लैक फ्रेंकोलिन, ग्रे फ्रेंकोलिन, काम्ब डक, स्पॉट बिल्ड डक, बटन क्वैल, इण्डियन ग्रे हार्नबिल, ब्राऊन हेडेड बार्बेट, इण्डियन रोलर, व्हाईट फ्रोटेड किंग फिशर जैसे स्थानीय पक्षी एवं विभिन्न स्थानीय प्रवासी पक्षियों यथा लेसर व्हिसलिंग टील, ग्रीन बी ईटर, ब्लू टेल्ड बी ईटर, ब्राऊन हॉक आउल, सहित 300 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।

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