मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवैद्यनाथ के साप्ताहिक पुण्यतिथि समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऊंच-नीच का भाव भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता। भारत आज भारत इसलिए है, क्योंकि इससे संतों की परंपरा जुड़ी हुई है। यहां पर जाति, मत, पंथ, संप्रदाय का भेदभाव नहीं है।
योगी ने कहा कि इस देश को हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने, महापुरुषों ने एक संविधान दिया है, उस संविधान से देश को संचालित करने की आवश्यकता है। यह देश किसी फतवे से नहीं संचालित होगा, जिसे फतवे के आधार पर संचालित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हम अपनी सुरक्षा चाहते हैं तो भारत की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। अगर हम स्वयं की समृद्धि चाहते हैं तो भारत की समृद्धि की चिंता करनी चाहिए और मुझे विश्वास है कि भारत की समस्त समस्याओं का समाधान भारत के संविधान से होगा।
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