मुंबई, 27 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को यहां कहा कि देश में अवसंरचना की भारी कमी है, लिहाजा इस क्षेत्र में निवेश की जरूरत है।
जेटली ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंकिंग और इकॉनॉमिक्स कॉनक्लेव में कहा, “हमें दो क्षेत्रों पर ध्यान देना है। पहला ग्रामीण भारत और दूसरा अवसंरचना। इन क्षेत्रों में निवेश की काफी कमी है। अवसंरचना के कई क्षेत्रों में थोड़ी प्रगति हुई है। लेकिन भारत के अवसंरचना क्षेत्र में अभी भी बहुत बड़ी कमी है।”
जेटली ने कहा कि अवसंरचना के साथ ही भारत को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हालत में सुधार की जरूरत है।
जेटली ने कहा, “हम बैंकिंग क्षेत्र में देख रहे हैं कि परिणामों के डर से संकल्प की कमी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अभी भी पुराने नियमों से चल रहे हैं नए संकल्प को लेकर हिचक रहे हैं।”
उन्होंने हाल ही में लिए गए रेलवे बजट को मुख्य बजट में मिलाने के फैसले के बारे में कहा, “रेलवे का बजट धीरे-धीरे केंद्रीय बजट का बहुत छोटा-सा हिस्सा बन गया था। इसलिए दोनों के बीच सम्मिलन के लिए यह जरूरी था।”
dharmpath.com dharmpath