नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पिछले तीन वर्षो में दिल्ली में 23,988 और देशभर में 14.22 लाख लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। सितम्बर, 2014 से पहले इस योजना को स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के नाम से जाना जाता था।
इस अवधि के लिए कौशल प्रशिक्षण का लक्ष्य क्रमश: 33,050 और 14 लाख तय किया गया था।
यह जानकारी बुधवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में शहरी विकास राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने दी।
सुप्रियो ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले तीन वर्षो में 547 लाभार्थियों को दिल्ली में और देश में 3.02 लाख लोगों को व्यक्तिगत और लघु उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता दी गई, जबकि इसके लिए लक्ष्य क्रमश: 7,143 और 3.65 लाख रखा गया था।
सुप्रियो ने यह भी बताया कि इस अवधि में जारी की गई 2,157 करोड़ की केन्द्रीय सहायता में से राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने 1,494 का उपयोग इन कार्यक्रमों के लिए किया।
एक अन्य उत्तर में सुप्रियो ने बताया कि वर्ष 2014 में दिल्ली में अवैध निर्माण की 60,107 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 5,795 शिकायतों के तहत अवैध निर्माण गिराने और सीलिंग की कार्रवाई निगम के संबंधित निकायों द्वारा की गई।
उन्होंने बताया कि इन मामलों में दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957, नई दिल्ली निगम परिषद अधिनियम 1994, कैंटोनमेंट अधिनियम 2006, सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 और बिल्डिंग बाइ लॉ के तहत कार्रवाई की गई।
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि उसने पिछले तीन वर्षो में किसी भी निजी कम्पनी अथवा गैर सरकारी संगठन को भूमि आवंटित नहीं की है और इस दौरान नियम एवं शर्तो के उल्लंघन के लिए दो स्कूलों का आवंटन/लीज निरस्त की गई है।
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