वाशिंगटन, 8 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करने वाले द्विदलीय आयोग को भारत द्वारा वीजा देने से इनकार करने पर निराशा जताई है। साथ ही पिछले साल भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता पर दिए गए संदेश का उल्लेख भी किया है।
वाशिंगटन, 8 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करने वाले द्विदलीय आयोग को भारत द्वारा वीजा देने से इनकार करने पर निराशा जताई है। साथ ही पिछले साल भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता पर दिए गए संदेश का उल्लेख भी किया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, “हम इस खबर से निराश हैं।” किर्बी से अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक आजादी का आकलन करने वाले अमेरिकी आयोग को वीजा देने से भारत के इनकार पर सवाल किया गया था। इस आयोग को चार मार्च को भारत आना था।
उन्होंने कहा, “दुनिया भर में जो धार्मिक आजादी के उल्लंघन होते हैं, उनकी परिस्थतियों और तथ्यों की समीक्षा करने में आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विदेश विभाग इस काम में उसका समर्थन करता है।”
किर्बी ने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले साल की यात्रा के दौरान खुद उल्लेख किया था, हम भारत सरकार की धार्मिक आजादी और विविधता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का समर्थन करते हैं। उस दौरे के दौरान उनका भारत को संदेश स्पष्ट था और यह आज भी उतना ही सच है।”
किर्बी ने कहा कि ओबामा पिछले साल जब भारत आए थे, तब उन्होंने कहा था, “हमारे देश तब और मजबूत होते हैं जब प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद के अनुसार अपने मत को चुनने और उन्हें मानने या बिल्कुल नहीं मानने का अधिकार होता है। साथ ही ऐसा करने के लिए वे किसी उत्पीड़न या भेदभाव के भय से मुक्त होते हैं।”
जब यह पूछा गया कि क्या विदेश विभाग ने इस बारे में भारत से बात की है, जवाब में किर्बी ने कहा, “यह बातचीत का ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर हम बात न करें और यह बातचीत का एक ऐसा विषय भी नहीं है जिस पर बातचीत करने से हम परहेज करें।”
हालांकि, प्रवक्ता ने भारत के साथ हुई बातचीत या भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के आकलन के बारे में कोई भी विस्तृत ब्यौरा देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “मेरे पास भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में औपचारिक नीति पर तत्काल बयान नहीं है। जैसा कि मैंने कहा है कि हम इस फैसले से निराश हैं।”
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