कार्बन डाईऑक्साइड को इलेक्ट्रोरिडक्शन के माध्यम से अन्य रसायनों में बदल कर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती के साथ-साथ अधिक उपयोगी रसायन भी उत्पन्न किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा कार्यविधियां इस संबंध में अपर्याप्त हैं और इसमें जितनी ऊर्जा वे बचा पाते हैं, उससे कहीं अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
‘नेचर पत्रिका’ में प्रकाशित शोध के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ चाइना के प्रोफेसर सन योंगफू और सहकर्मियों ने चार परमाणुओं वाले दो उत्प्रेरक परतों का निर्माण किया, जिसमें पहली परत शुद्ध कोबाल्ट धातु की और दूसरी कोबाल्ट एवं कोबाल्ट ऑक्साइड (सीओ3ओ4) की एक परत शामिल है।
सन ने बताया कि कोबाल्ट कार्बनऑक्साइड के लिए असक्रिय है। इसकी उत्प्रेरक गतिविधियों को परमाणु की सही क्रमों और ऑक्साइड की मौजूदगी से सुधारा जा सकता है।
dharmpath.com dharmpath