नदियों को जोड़ने पर भ्रांति दूर करने की जरूरत : उमा भारती

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ने को लेकर देश में कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिसे दूर करने की जरूरत है।

नदियों को आपस में जोड़ने के लिए गठित विशेष समिति की शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित नौवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कुछ भागों में हाल ही में आए सूखे को देखते हुए नदियों को आपस में जोड़ने की योजना का तेजी से कार्यान्वयन और अधिक आवश्यक हो गया है।

उमा ने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ने से समुद्र में नदी के जल के प्रवाह में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा, “हम नदी के मीठे जल के प्रवाह को नहीं रोक रहे हैं, बल्कि सिर्फ मॉनसून और बाढ़ के अतिरिक्त जल को इन नदियों से कम प्रवाह वाली नदियों में ले जाएंगे। इससे किसी भी नदी के सामान्य जल प्रवाह पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।”

उन्होंने कहा कि ओडिशा में भी महानदी-गोदावरी संपर्क को लेकर कुछ भ्रांतियां थी। वहां लोगों का यह मानना था कि महानदी में पहले से ही पानी कम है। फिर भी उसे गोदावरी से जोड़कर उसका बचा खुचा पानी भी गोदावरी में भेज दिया जाएगा। पर, जब उन्हें यह बताया गया कि महानदी को गोदावरी से जोड़ने से पहले सुवर्णरेखा-महानदी संपर्क के जरिए पहले महानदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा, तब वहां महानदी-गोदावरी संपर्क को लेकर व्याप्त भ्रांतियां दूर हो गईं।

केन-बेतवा नदी संपर्क को इस पूरी योजना का आधार बताते हुए उमा भारती ने यह उम्मीद जताई कि इसके पहले चरण का काम तीन महीने के अंदर शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार इसका काम शुरू हो जाने से लोग स्वयं इस योजना से होने वाले फायदों को महसूस कर सकेंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि इस योजना के पहले चरण के लिए आवश्यक वन्य संबंधी मंजूरी जल्द से जल्द उपलब्ध कराए, ताकि इस पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके।

दमन गंगा-पिंजाल और पार-तापी-नर्मदा संपर्क योजनाओं को भी जल्द शुरू किए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों से अनुरोध किया कि वे जल्द से जल्द इस बारे में अपनी सहमति दें ताकि उन पर भी शीघ्र काम शुरू किया जा सके।

महाराष्ट्र में लातूर के सूखे का उल्लेख करते हुए उमा भारती ने कहा कि नदी संपर्क योजनाओं से इस तरह की स्थिति से बड़े कारगर ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वे आगामी 3 मई को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा कि दमन गंगा पिंजाल संपर्क से मुंबई को जल आपूर्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वे इस परियोजना को लेकर आदिवासियों के बीच भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वयं उनके क्षेत्र में जाएंगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की 24 जुलाई, 2014 को हुई बैठक में नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी विशेष समिति के गठन को मंजूरी दी गई थी। समिति की पहली बैठक 17 अक्टूबर, 2014 को हुई थी।

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