चिरायु योजना के लाभ का ताजा उदाहरण प्रदेश के नक्सल हिंसा पीड़ित कांकेर जिले के ग्राम दोड़दे (विकासखंड-दुगूर्कोंदल) का है। वहां के रहने वाले सेनिक राम की तीन साल की नन्ही बिटिया अहिमिता के होंठ बचपन से ही कटे-फटे थे। मासूम बच्ची को बोलने और खाने-पीने में काफी परेशानी होती थी।
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों के चिरायु दल ने इस बच्ची को चिन्हांकित कर एक बड़े अस्पताल में उसका ऑपरेशन करवाया। इसके बाद नन्हीं अहिमिता के होंठों पर मुस्कान लौट आई है।
बच्ची के माता-पिता इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रति विशेष रूप से आभार प्रकट करते हैं। ऑपरेशन मुस्कान के जरिये जिले में अहिमिता जैसे 29 बच्चों के चेहरे भी अब खिलने लगे हैं।
चिरायु योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसमें विशेष उपचार की जरूरत वाले बच्चों को चिन्हांकित कर उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
कांकेर जिले के सभी सात विकासखंडों में चिरायु योजना के तहत दो हजार 339 स्कूलों और दो हजार पचास आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग दो लाख 31 हजार बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से उपचार योग्य पाए गए करीब 56 हजार बच्चों का इलाज भी करवाया गया।
कटे-फटे होंठों सहित अन्य ऑपरेशनों के योग्य 156 बच्चों की सफल प्लास्टिक सर्जरी और ऑपरेशन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से राजधानी रायपुर स्थित उच्च स्तरीय अस्पतालों में किए जा चुके हैं। इनमें से 29 बच्चों की प्लास्टिक सर्जरी ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई है।
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