न्यूयॉर्क, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों के घनत्व व शक्ति में कमी का इलाज एक नवनिर्मित एंटीबॉडी कर सकता है। एक अंतर्राष्ट्रीय शोध दल के द्वितीय चरण के परिणाम में यह बात सामने आई है।
निष्कर्ष के मुताबिक, मायोस्टेटिन एंटीबॉडी इलाज बुजुर्गो की मांसपेशियों में सुधार ला सकता है, जिससे वह सीढ़ियां चढ़ सकते हैं, टहल सकते हैं और कुर्सी पर आराम से बार-बार उठ-बैठ सकते हैं।
अमेरिका के इंडियाना युनिवर्सिटी-पारदु युनिवर्सिटी इंडियानापॉलिस के शोधकर्ता स्टुअर्ट वार्डेन ने कहा, “मायोस्टेटिन एक स्वाभाविक प्रोटीन है, जो शरीर में बनता है और मांसपेशियों के विकास को रोकता है।”
वार्डेन ने कहा, “कुछ समय तक यह मान्यता थी कि मायोस्टेटिन के निर्माण को रोकने से मांसपेशियों का विकास होता है, जिससे मांसपेशियों का घनत्व और उसकी क्षमता बढ़ती है।”
अध्ययन के दौरान, मायोस्टेटिन एंटीबॉडी का इंजेक्शन देने पर मांसपेशियोंका घनत्व बढ़ा है और कार्य करने की उसकी क्षमता में भी इजाफा हुआ।
वार्डेन ने कहा, “यह पहला अध्ययन है, जिसमें यह स्पष्ट हुआ है कि एंटीबॉडी इलाज मांसपेशियों की क्षमता में सुधार लाता है।”
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