वाशिंगटन, 13 जून (आईएएनएस)। जब से स्मार्टफोन आया है, दुनिया तेजी से बढ़ रही है। ऐसा ही अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ भी हुआ। वह अपने ‘बहुत ही दुर्लभ’ ब्लैकबेरी को त्यागने की तैयारी में हैं, जिसका इस्तेमाल वह राष्ट्रपति बनने के पहले से कर रहे हैं।
एक टीवी चैनल पर जिमी फेलॉन के साथ ‘टूनाइट शो’ में हिस्सा लेते हुए ओबामा ने कहा कि उन्हें बिल्कुल नया यंत्र (नाम अभी नहीं बताया गया है) दिया गया है, लेकिन वह सुरक्षा कारणों से इस तरह बंद करके रखा हुआ है कि मैं उससे फोन नहीं कर सकता, गाना नहीं सुन सकता, संदेश नहीं भेज सकता या तस्वीरें नहीं ले सकता। ‘द वर्ज’ ने सोमवार को इसकी खबर दी है।
ओबामा ने टीवी से कहा यह वैसे ‘प्ले फोन’ की तरह है, जैसा आप एक तीन साल के बच्चे को देंगे।
चूंकि एंड्रायड एवं आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित स्मार्टफोन ने ब्लैकबेरी को धीरे-धीरे बाहर का रास्ता दिखा दिया और पिछले कुछ सालों से बहुत सारे एप बनाने वाले भी वह प्लेटफार्म छोड़ रहे हैं, लिहाजा अमेरिकी अधिकारी महसूस करते हैं कि नए एंड्रायड एवं आईओएस यंत्रों में शुरू से अंत तक कूटलेखन संदेश जैसे सुरक्षा के मजबूत उपाय किए गए हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस साल अप्रैल में कहा था कि ह्वाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को एपल के आईफोन से लैस किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) वर्ष 2008 में ओबामा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा वाले ब्लैकबेरी की व्यवस्था की। उसमें सिक्योर वॉयस नामक विशेष सुरक्षा सॉफ्टवेयर था। उस मोबाइल फोन में पहले से उपलब्ध सुविधाओं को हटा दिया गया था। यहां तक कि उसमें सेल्फी लेने के लिए कैमरा या संदेश भेजने की भी कोई सुविधा नहीं थी। ऐसा इस वजह से कि हैक करने का कोई खतरा नहीं रहे।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, इस ब्लैकबेरी से केवल 10 लोगों को ही फोन किया जा सकता था। इनमें उप राष्ट्रपति जो बिडेन, ओबामा के चीफ ऑफ स्टाफ, उनके प्रेस सचिव, प्रथम महिला मिशेल ओबामा और परिवार के कुछ अन्य सदस्य शामिल थे।
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