इनमें पूर्वी रवांडा में स्थित किगाली जीनोसाइड मेमोरियल, तारामा जीनोसाइड, दक्षिणी रवांडा में स्थित मुरांबी मेमोरियल सेंटर और पश्चिमी रवांडा में स्थित बिसेसेरो जीनोसाइड स्थल शामिल हैं।
नरसंहार के खिलाफ लड़ाई के लिए रवांडा के राष्ट्रीय आयोग ने पिछले सप्ताह इस मामले पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया था।
रवांडा की खेल और संस्कृति मंत्री जुलियन ऊवाचू ने कहा कि यूनेस्को का दर्जा दुनिया भर को तुत्सी लोगों के खिलाफ हुए नरसंहार की सच्चाई का पता करने का एक अवसर प्रदान करेगा और देशों को इस तरह की घटना को फिर से न दोहराने का संदेश देगा।
1994 में अफ्रीकी देश में हुए रवांडा नरसंहार में करीब 10 लाख लोग मारे गए थे।
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