समाचार पत्र ‘पीपुल्स डेली’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, छुट्टियों के दौरान अगर हवा की गुणवत्ता के लिए लाल या नारंगी रंग की चेतावनी जारी की जाती है, तो पाबंदी प्रभाव में आएगी। छुट्टियों की शुरुआत सात फरवरी से हो रही है।
हवा की गुणवत्ता के लिए अगर लाल रंग का प्रयोग किया जाता है, तो उसका मतलब सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण होता है, जो दिसंबर 2015 में दो बार जारी हो चुका है।
बुधवार से 719 विक्रेताओं द्वारा शुरू की गई पटाखों की बिक्री में पिछले साल की अपेक्षा 23.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
बीजिंग के वर्क सेफ्टी के मुताबिक, पटाखों की बिक्री आगामी 10 दिनों तक जारी रहेगी। नहीं बिका हुआ कोई भी पटाखा 18 फरवरी तक संरक्षित कर लिया जाना चाहिए।
चीन में नववर्ष पटाखों के साथ मनाने की परंपरा है। माना जाता है कि पटाखों की आवाज से बुरी आत्माएं और बदकिस्मती दूर हो जाती है। चीन में हालांकि विभिन्न मौकों पर की जा रही आतिशबाजी से हो रहे वायु प्रदूषण ने लोगों व अधिकारियों का ध्यान खींचा है।
पहले ही दिन एक लाख युआन कीमत का पटाखा बेचने वाले एक विक्रेता ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक पर्यावरण के अनुकूल पटाखे खरीदना पसंद करते हैं, जिनमें सल्फर नहीं होता और कम धुआं निकलता है। ई-कॉमर्स पोर्टल पर इन पटाखों पर 31 फीसदी की छूट भी मिल रही है।
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