नोएडा, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय (20 से 22 सितंबर) नवीकरणीय ऊर्जा मेले में 750 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। मेले के दौरान जाने माने अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों, सलाहकारों, कारोबार विशेषज्ञों तथा सरकारी अधिकारियों ने पावर एवं उर्जा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों, इनके समाधानों तथा सर्वश्रेष्ठ विश्वस्तरीय प्रथाओं पर चर्चा की। मेले में जापान, चीन, पोलैंड, फ्रांस, कोरिया और ताईवान के मंडप मौजूद हैं।
नोएडा, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय (20 से 22 सितंबर) नवीकरणीय ऊर्जा मेले में 750 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। मेले के दौरान जाने माने अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों, सलाहकारों, कारोबार विशेषज्ञों तथा सरकारी अधिकारियों ने पावर एवं उर्जा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों, इनके समाधानों तथा सर्वश्रेष्ठ विश्वस्तरीय प्रथाओं पर चर्चा की। मेले में जापान, चीन, पोलैंड, फ्रांस, कोरिया और ताईवान के मंडप मौजूद हैं।
भारत हाल ही में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए ‘नव्यकरणी उर्जा देश आकर्षण सूचकांक’ में तीसरे स्थान से आगे बढ़कर दूसरे स्थान पर आ गया है।
मेले की आयोजक यूबीएम इंडिया ने कहा कि इस एक्सपो के माध्यम से उद्योग, सरकार एवं निवेशकों को एक ही मंच पर लाया गया है। मेले में सर्वश्रेष्ठ तकनीक, लागत प्रभावी समाधानों, उद्योग जगत के हितधारकों की भागीदारी, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ उद्योग जगत के मेल-मिलाप के साथ ही जाने-माने विश्वस्तरीय ब्राण्ड अपने अत्याधुनिक उत्पादों और समाधानों को प्रस्तुत करेंगे।
यूबीएम इंडिया के प्रबन्ध निदेशक योगेश मुद्रास ने कहा, “भारत ने 2022 तक 175 गीगावॉट नव्यकरणी उर्जा पैदा करने का लक्ष्य तय किया है। आज बड़ी संख्या में भारतीय कम्पनियां सोलर मोड्यूल और इससे सम्बधित अन्य उपकरण बना रही हैं। इन्होंने उर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का विकास किया है। छोटी कम्पनियां भी इस दृष्टि से भारत को आत्मनिर्भर बनने में योगदान दे रही हैं। हाल ही की एक रिपोर्ट के अनुसार 2017 के पहले उत्तरार्ध में इसने 4765 मेगावॉट अतिरिक्त क्षमता हासिल की है। रूफटॉप सोलर में तेजी से वृद्धि हो रही है और सौर उर्जा की लागत कम होने के कारण यह बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लुभा रही है।”
मेले में इस बार महिंद्रा सस्टेन द्वारा भारत का पहला मोबाइल पीवी टेस्ट लैब पेश किया गया है। साथ ही मेले के आकर्षण में पीवी मैगजीन, जर्मनी द्वारा क्वालिटी राउंडटेबल- एक गुणवत्तापूर्ण गोलमेज, पीवी मैगजीन, जर्मनी द्वारा सोलर सुपर हीरोज, सोलर इन्सटॉलर्स के लिए स्किल प्रतियोगिता, ईपीसी एवं डेवलपर्स के लिए सोलर डिजाइन चैलेन्ज एवं तेलंगाना राज्य द्वारा भावी निवेश एवं डेवलपर्स को आकर्षित करने के लिए ‘अडवान्टेज तेलंगाना’ विषय पर एक सेमिनार तथा राजस्थान द्वारा भावी निवेशकों, निर्माताओं और डेवलपर्स को आकर्षित करने के लिए ‘अडवान्टेज राजस्थान’ विषय पर सेमिनार शामिल हैं।
मेले में इस बार जापान, जर्मनी, फ्रांस, पौलेण्ड, यूएसए, कोरिया, चीन और ताईवान सहित कई देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम को नवीन एवं नव्यकरणी उर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) भारतीय सौर उर्जा आयोग (एसईसीआई), इंडियन रीन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेन्ट एजेन्सी लिमिटेड (आईआरईडीए), एनईडीओ जापान, इंडो जर्मन एनर्जी फोरम, (आईजीएफई), ब्लूमबर्ग न्यू एनर्जी फाइनेन्स और मरकोम कैपिटल का समर्थन प्राप्त है।
प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाली कुछ कम्पनियों में शामिल हैं- अदानी सोलर, टाटा पावर सोलर, एजूरे पावर, स्काय पावर, कैनेडियन सोलर, हुवावेई, ट्रिना सोलर, जिंको सोलर, सीमेन्स जेमेसा, विक्रम सोलर, वारी एनर्जीज, मित्सुबिशी, डेल्टा इलेक्ट्रोनिक्स, पैनासोनिक, एसएमए, एबीबी, क्योसेरा, स्टर्लिना एण्ड विल्सन, महिन्द्रा सस्टेन, अप्लाईड मटीरियल्स, पॉस्को और फ्रोनियस।
dharmpath.com dharmpath