चीन ने अपनी सीमाओं पर नशीले पदार्थो की तस्करी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया है। लेकिन, वह देश के अंदर बन रहे नशीले पदार्थो पर नियंत्रण पाने में नाकाम साबित हो रहा है। एक शीर्ष शिक्षण संस्थान के शोध ने इसकी जानकारी दी है।
चीन की पब्लिक सिक्योरिटी यूनिवर्सिटी से संबद्ध ली वेंजुन ने रविवार को समाचार पत्र ‘चाइना यूथ डेली’ को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि नशीले पदार्थो की व्यापक विविधता के कारण उन पर निगरानी करना मुश्किल है।
उन्होंने सरकार से कहा है कि वह युवाओं के बीच साइकोएक्टिव ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता बढ़ाए।
यह शोध बताता है कि नशीली दवाओं का प्रयोग करने वाले एक तिहाई किशोरों को पहली बार सिंथेटिक ड्रग्स के बारे में बताया जाता है कि यह नशा नहीं है। ड्रग्स बेचने वाले माफिया यही दावा कर किशोरों को फंसाते हैं कि उत्पाद सुरक्षित और कानूनी है।
ली बताती हैं कि मादक पदार्थो की गिरफ्त से छात्रों को बचाने के लिए स्कूलों को अधिक संसाधनों का आवंटन करना चाहिए, ताकि छात्र इनके बार में अधिक शिक्षित हो सकें और उनकी बेहतर पहचान कर सकें।
dharmpath.com dharmpath