नस्लभेदी टिप्पणी करने वाले पदक विजेता को नहीं मिली तालियां (रियो डायरी)

रियो डी जनेरियो, 18 अगस्त (आईएएनएस)। मेजबान ब्राजील के जिम्नास्ट आर्थर नोरी ने रियो ओलम्पिक की फ्लोर एक्सरसाइज स्पर्धा में कांस्य पदक जीता तो उम्मीद थी कि उनका तालियों और नारों के साथ स्वागत होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इसका कारण स्नैपचैट पर पिछले साल उनका एक वीडियो रहा, जिसमें उन्होंने अपनी टीम के एक अश्वेत साथी खिलाड़ी पर नस्लभेदी मजाकिया टिप्पणी की थी।

नोरी ने अपने वीडियो में एंजेलो अस्सुनकाओ की तरफ देखते हुए कहा था, “जब आपके फोन की स्क्रीन काम करती है तो वह सफेद होती है और जब नहीं करती तो वह काली होती है। सारे कचरा समेटने वाली थैली काली क्यों होती हैं?”

इस वाकए ने पूरे ब्राजील में कोहराम मचा दिया था। हालांकि नोरी ने इसके लिए मांफी मांग ली थी। देश की जिम्नास्टिक संघ ने उन्हें प्रतिबंधित भी कर दिया था।

इस घटना को बीते कई महीने हो चुके हैं और नोरी को लगा होगा कि लोगों ने उसे भुला दिया होगा, लेकिन तब वह हैरान रह गए रियो ओलम्पिक में पदक जीतने के बावजूद वहां दर्शकों ने उनके लिए न तो तालियां बजाई और न ही उनके समर्थन में नारेबाजी की। उल्लेखनीय है कि एक ट्विटर यूजर ने प्रशंसकों से उनके लिए जश्न मनाने से मना किया था।

एक शख्स ने लिखा, “आर्थर नोरी ने अच्छा किया लेकिन हमें उनकी नस्लीय टिप्पणी के बारे में नहीं भूलना चाहिए।”

एक और शख्स ने लिखा, “आर्थर नोरी को प्ररेणस्रोत मानना बंद करो क्योंकि वह नस्लवाद को बढ़ावा देने वाले इंसान हैं।”

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अंतत: ओलम्पिक में पहुंचे जोंस

खेलों के माहकुंभ में कदम रखने के लिए इर्ल जोंस को 36 साल और 10 ओलम्पिक खेलों का इंतजार करना पड़ा।

1980 में जोंस कनाडा के मुक्केबाज के तौर पर मास्को ओलम्पिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए थे। हालांकि अगर वह क्वालिफाई भी कर लेते तो वह उस समय खेलों में भाग नहीं ले पाते क्योंकि उस समय उनके देश ने ओलम्पिक खेलों का बहिष्कार किया था।

अपने करियर की समाप्ति के बाद भी इस मुक्केबाज ने ओलम्पिक में जाने का सपना नहीं छोड़ा। 2012 में लंदन ओलम्पिक से पहले उन्होंने स्वंयसेवक के तौर पर ओलम्पिक में अपना नामांकन करवाया, लेकिन अंतिम समय पर उनका यह सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।

अंतत: जोंस को रियो के लिए एक स्वंयसेवक के तौर पर चुन लिया गया।

रियोसेंटर के मुक्केबाजी स्थल पर तैनात जोंस ने कहा, “मेरा सपना आखिरकार सच हुआ।”

उनकी टीम का काम मुक्केबाजी रिंग और उसके आस-पास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखना है। इसके अलावा प्रतिभागियों को मुकाबले के दौरान पानी देना है।

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घूमने-फिरने का जुनून

लूटपाट की घटनाएं भी रियो आने वाले प्रतिभागियों की यहां घूमने की इच्छा को दबा नहीं सकीं।

जब स्पर्धा खत्म हो जाती है या आराम वाले दिन खिलाड़ी मौका पाते ही रियो के मशहूर समुद्रतट कोपाकाबाना और कोकोवाडो हिल्स का लुत्फ उठाने निकल पड़ते हैं। इनके अलावा खिलाड़ी सुगरलोफ पहाड़ और लाबा बोहेमियान का भी आंनद ले रहे हैं।

तैराकी की 4 गुणा 100 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली अमेरिकी टीम का हिस्सा रहीं कोड़ी मिलर ने सुगरलोफ पर्वत पर अपने देश के दूसरे तैराकों के साथ एक फोटो साझा की है।

अमेरिका की महिला भारोत्तोलान खिलाड़ी ने कोपाकाबाना और इपानेमा समुद्रतट का लुत्फ उठाया।

कोरकोवाडो का भ्रमण करने के बाद ब्रिटिश के मुक्केबाज जोए कोरडिना ने ब्राजील को सबसे सुंदर शहर बताया है।

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