वाशिंगटन, 14 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के फ्लोरिडा में ऑरलैंडो स्थित एक समलैंगिक नाइटक्लब में गोलीबारी करने वाला अफगान मूल का उमर मतीन (29) हमले से पहले कई बार इस क्लब में गया था। उसने कई समलैंगिक डेटिंग ऐप का इस्तेमाल भी किया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी है।
फ्लोरिडा के पोर्ट सेंट लुसी के निवासी उमर मतीन ने ऑरलैंडो के पल्स गे नाइटक्लब में रविवार रात दो बजे (स्थानीय समयानुसार) अंधाधुंध गोलीबारी कर 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया और 53 लोगों को घायल कर दिया। जवाबी गोलीबारी में वह भी मारा गया। अमेरिका के इतिहास में साल 2001 के बाद यह सबसे भयावह आतंकवादी हमला है।
समचार एजेंसी एफे न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑरलैंडो सेंटिनेल ने कहा कि क्लब में लगातार आने वाले कम से कम चार लोगों ने उस बंदूकधारी को कई बार क्लब में देखने का दावा किया है।
ताई स्मिथ नाम के व्यक्ति ने ऑरलैंडो सेंटिनेल से कहा, “कभी वह कोने में बैठकर अकेले शराब पीता था और कभी-कभी वह बहुत ज्यादा पीकर लोगों से झगड़ बैठता था।” उसने कहा कि मतीन को उसने क्लब में कम से कम एक दर्जन बार देखा।
क्लब में बराबर आने वाले एक और व्यक्ति केविन वेस्ट ने कहा कि गे डेटिंग एप जैकडी के माध्यम से वह पिछले एक साल से लगातार उसे मैसेज कर रहा था।
वेस्ट ने कहा कि गोलीबारी से आधा घंटा पहले जब वह अपने एक मित्र को क्लब छोड़ने आया था, तब उसने मतीन को क्लब के निकट काले रंग की टोपी पहने और हाथ में एक काले रंग का फोन लिए देखा था।
वेस्ट ने गोलीबारी के बाद संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) द्वारा जारी तस्वीर देखकर उस व्यक्ति की पहचान उमर मतीन के रूप में की थी।
अधिकारियों ने हालांकि अब तक पुष्टि नहीं की है कि गोलीबारी करने वाला युवक पहले कभी गे नाइटक्लब में आया था या नहीं या फिर वह गे डेटिंग एप का इस्तेमाल करता था या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, न्यूयॉर्क में पैदा हुए मतीन ने गोलीबारी से पहले पुलिस को कॉल किया था और आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ वफादारी की कसम खाई थी।
एफबीआई के निदेशक जेम्स कोमे ने खुलासा किया है कि कट्टरपंथी स्वभाव के चलते मतीन पर 10 महीने तक निगाह रखी गई थी और एफबीआई उससे पहले पूछताछ कर चुकी थी। लेकिन, एजेंसी को उसे हथियार खरीदने से रोकने का कोई कारण नहीं मिला था।
स्टोर मैनेजर के मुताबिक, बंदूक खरीदने के बाद उसने बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने का भी प्रयास किया था, लेकिन स्टोर में यह नहीं बिकता था।
आईएस के आधिकारिक रेडियो चैनल अल-बयान ने हमले को अमेरिका में ‘खिलाफत के एक सिपाही द्वारा एक धार्मिक समूह (क्रूसेडर गैदरिंग) पर हमला’ बताया है।
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