श्रीनगर, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। कश्मीरी अलगाववादी नेता मुहम्मद यासिन मलिक ने शनिवार को नागरिक समाज के सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे निष्पक्षता की आड़ में कश्मीर आंदोलन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष ने कहा, “हमारे आंदोलन को हमारे बुद्धिजीवियों ने आंतरिक तौर पर नुकसान पहुंचाया है, जिन्हें इसे मजबूत करना चाहिए था।”
मलिक ने कश्मीर नागरिक समाज के सदस्यों पर सांठगांठ और अवसरवादिता का आरोप लगाया।
मलिक ने कहा, “ये लोग वैश्विक सम्मेलनों में शरीक होते हैं, मानवाधिकारों की बात करते हैं। यहां तक कि पाकिस्तान जाकर उन्हें सीख देते हैं कि आंदोलन कैसे चलाएं और फिर दिल्ली लौटकर भारतीय सरकार को बताते हैं कि संघर्ष से कैसे निपटें।”
वरिष्ठ अलगाववादी नेता आजम इंकलाबी की मां की शोक सभा में सवाल उठाते हुए मलिक ने कहा, “क्या यह सबसे बड़ा पाखंड नहीं है?”
मलिक ने कहा, “हमारे समारोहों में वे आजादी समर्थक का नकाब ओढ़कर आते हैं। कई किशोर उनके भाषणों से उत्साहित होकर भारतीय सेनाओं पर पत्थर बरसाते हैं, जबकि कुछ अपने हाथों में बंदूकें थाम लेते हैं। लेकिन यह विडबंना ही है कि कुछ लोग सरकारी सम्मेलनों में हिस्सा लेने से गुरेज नहीं करते और छोटे प्रलोभनों के लिए सरकार के लोगों और मंत्रियों की शरण में जाते हैं।”
मलिक ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में 27,000 से ज्यादा पंजीकृत गैर सरकारी संगठन कार्यरत हैं।
मलिक ने कहा, “हमारे शहीद सच्चे नायक हैं, जिन्होंने इस उद्देश्य के लिए अपनी जान गंवा दी। लेकिन हमारे बुद्धिजीवी और गैर सरकारी पेशेवरों का मकसद केवल अपना स्व गुणगान है।”
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