नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक दलों को लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण विधेयक पर एक निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए और उन्होंने सरकार की आलोचना के लिए कांग्रेस नेताओं पर पलटवार किया।
लोकसभा में ‘संविधान के प्रति प्रतिबद्धता’ पर बहस में हिस्सा लेते हुए नायडू ने समान नागरिक संहिता व नदियों को आपस में जोड़ने के लिए आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर एक नजर डालने की जरूरत है, जो संसद व विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण की वकालत करता है।
उन्होंने कहा, “हम इस बारे में केवल बातें कर रहे हैं, काम नहीं। हमें एक निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।” विधेयक को साल 2010 में राज्यसभा में पारित किया जा चुका है, लेकिन लोकसभा में लंबित है।
कांग्रेस द्वारा असहिष्णुत के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के नेता मणिशंकर अय्यर की उस टिप्पणी की निंदा नहीं की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत व पाकिस्तान के बीच वार्ता के लिए मोदी को हटाने की जरूरत है।
नायडू ने बचपन में प्रधानमंत्री द्वारा चाय बेचे जाने संबंधी अय्यर की टिप्पणियों का भी जिक्र किया।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नायडू को जवाब देते हुए कहा कि अय्यर कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य नहीं हैं, बल्कि राज्यसभा के नामित सदस्य हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय समान नागरिक संहिता की जरूरत की ओर इशारा कर चुका है और आत्मनिरीक्षण की भी बात कही है।
नायडू ने यह भी कहा कि अंबेडकर ने नदियों को आपस में जोड़ने की भी बात की थी।
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