कोच्चि, 12 मई (आईएएनएस)। देश के प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों -आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक- में जहां नारियल की उपज में कमी आ रही है, वहीं पिछले वित्त वर्ष में नारियल और नारियल निर्मित उत्पादों का निर्यात बढ़ कर 1,312.38 करोड़ रुपये का हो गया है।
नारियल विकास बोर्ड (सीडीबी) के वी.सी.वसंत कुमार द्वारा तैयार रपट के मुताबिक, 2013-14 के आंकड़ों की तुलना में इस बार नारियल के निर्यात में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वर्ष 2014-15 के सीडीबी के अनुमानों के मुताबिक, देश में नारियल का उत्पादन बढ़कर 2,000 करोड़ नारियल होने की संभावना है, जिसमें 2013-14 की तुलना में 10 प्रतिशत की गिरावट है।
इस दौरान नारियल के कई उत्पादों में से सिर्फ कार्बन का निर्यात ही 557.80 करोड़ रुपये रहा है।
सूखे नारियल का निर्यात 194 करोड़ रुपये, नारियल तेल का निर्यात 147.07 करोड़ रुपये और अन्य ताजा, सूखे, कटे और जमे हुए उत्पादों का निर्यात 135.84 करोड़ रुपये रहा।
पाकिस्तान को किया गया सूखे नारियल का निर्यात 183.06 करोड़ रुपये रहा।
सीडीबी के अध्यक्ष टी.के.जोस ने आईएएनएस से कहा कि पिछले कुछ सालों में निर्यात का यही रुझान रहा है। इसके लिए नारियल का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है।
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