नासा की प्रौद्योगिकी ने नेपाल में बचाई जिदगियां

वाशिंगटन, 11 मई (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत एवं बचाव कार्य में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक नई प्रौद्योगिकी के जरिए कई जिंदगियों को बचाया गया है। नासा की इन नई प्रौद्योगिकी ने 10 फुट नीचे ईटों और मलबों में दबे लोगों की दिल की धड़कनों को पता लगाकर उन्हें बचाने में कामयाबी हासिल की है। अमेरिका के घरेलू सुरक्षा विभाग ने यह जानकारी दी।

नासा के इस उपकरण का नाम एफआईएनडीईआर है। इसमें माइक्रोवेव राडार तकनीक का इस्तेमाल कर मलबे में दबे पीड़ितों के दिल की धड़कनों का पता लगाकर उन्हें बचाया जाता है।

नेपाल में भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव दलों के साथ दो प्रोटोटाइप एफआईएनडीईआर उपकरणों को भेजा गया था।

वाशिंगटन में नासा के मुख्यालय में प्रमुख प्रौद्योगिकीविद डेविड मिलर ने कहा, “नासा की प्रौद्योगिकी खोज, हमारे अंतरिक्षयात्रियों की जान बचाने और पृथ्वी पर लोगों के जीवन में सुधार और यहां तक कि उनका जीवन बचाने में भी कई तरह की भूमिकाएं निभाती है।”

नासा के इस खोज और बचाव उपकरण को डीएचएस की साझेदारी में नासा की जेट प्रणोदन प्रयोगशाला में तैयार किया गया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493