नासा के क्षुद्रग्रह मिशन की अगली मंजिल अब मंगल

वाशिंगटन, 26 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने महत्वाकांक्षी एस्टेरॉयड रिडायरेक्ट मिशन (एआरएम) के तहत साल 2020 के मध्य तक कई नई क्षमताओं का परीक्षण करेगी। नासा ये परीक्षण भविष्य में मंगल सहित सुदूर अंतरिक्ष में मानव दल भेजने की संभावनाओं को देखते हुए कर रहा है।

नासा ने एक बयान जारी कर घोषणा की है कि तीन साल पहले क्षुद्रग्रह अभियान की शुरुआत के बाद उसने पृथ्वी के निकट स्थित क्षुद्रग्रहों की खोज के अपने इस अभियान में 65 फीसदी तक की वृद्धि की है।

नासा के सहायक प्रशासक रॉबर्ट लाइटफुट ने कहा, “एआरएम अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं से संबंधित कई जानकारियां प्रदान करेगा, जिसकी जरूरत अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल सहित सुदूर अंतरिक्ष में अन्वेषण के लिए भेजने के दौरान होगी।”

नासा ने इस मिशन के लिए तीन वैध क्षुद्रग्रह इतोकावा, बेन्नू तथा 2008 ईवी5 को चिह्नित किया है।

संभावना है कि एजेंसी एक या दो अतिरिक्त उम्मीदवार को प्रतिवर्ष मिशन के लिए भेजेगी।

लक्षित क्षुद्रग्रह मिलने के बाद मानवरहित एआरएम अंतरिक्षयान उसकी सतह की तस्वीरें भेजने के लिए वहां रोबोट को तैनात करेगा।

इस पूरे मिशन के दौरान एआरएम रोबोटिक अंतरिक्षयान कई क्षमताओं का परीक्षण करेगा, जिसकी आवश्यकता उन्नत सोलर इलेक्ट्रीक प्रोपल्शन (एसईपी) सहित भविष्य के मानव मिशन के दौरान होगी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493