नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के प्रथम चार महीनों के लिए भारतीय निर्यातकों ने कुल 6,500 करोड़ रुपये के रिफंड का दावा किया है।
जानकारी के अनुसार, इसे देखते हुए सरकार ने निर्यातकों से कहा है कि वे उचित प्रारूप में शिपिंग बिल से मेल खाता हुआ रिफंड का दावा करें, ताकि उन्हें एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के रूप में भुगतान किए गए कर में से जल्द से जल्द रिफंड जारी किया जा सके।
वित्त मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि जुलाई से अक्टूबर की अवधि के दौरान आईजीएसटी रिफंड के लिए करीब 6,500 करोड़ रुपये का का किया गया है और इनपुट क्रेडिट का दावा करीब 30 करोड़ रुपये किया गया है।”
मंत्रालय ने यह भी कहा कि व्यापारी अगस्त के लिए अंतिम बिक्री रिटर्न का आंकड़ा जीएसटी-1 फार्म के माध्यम से जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) पोर्टल पर चार दिसंबर तक दाखिल कर सकते हैं।
बयान में कहा गया है कि जुलाई में निर्यात किए गए सामानों पर रिफंड के ज्यादातर दावों का निपटारा कर दिया गया है।
बयान में कहा गया है, “ऐसा पाया गया है कि कुछ सामान्य गलतियां जैसे जीएसटीआर 1 में गलत शिपिंग बिल नंबर, इनवायस नंबर के मिलान तथा भुगतान किए गए आईजीएसटी की रकम में गड़बड़ी, गलत बैंक खातों आदि के कारण नियार्तकों को रिफंड मिलने में देर हो रही है।”
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