नीतीश ने शराबबंदी व विधि व्यवस्था को लेकर की समीक्षा बैठक

पटना, 3 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार में कानून व्यवस्था में सुधार और शराबबंदी के बाद की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को अपने आवास पर पुलिस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। नीतीश ने इस बात को लेकर निराशा जताई की अवैध रूप से शराब के कारोबार करने वाले में निचले स्तर पर गिरफ्तारी तो हो जाती है मगर सरगना नहीं पकड़े जाते हैं।

पटना, 3 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार में कानून व्यवस्था में सुधार और शराबबंदी के बाद की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को अपने आवास पर पुलिस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। नीतीश ने इस बात को लेकर निराशा जताई की अवैध रूप से शराब के कारोबार करने वाले में निचले स्तर पर गिरफ्तारी तो हो जाती है मगर सरगना नहीं पकड़े जाते हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जहां अधिकारियों को कई निर्देश दिए वहीं अधिकारियों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।

बैठक में मुख्य रूप से मद्य निषेध और थानावार अपराध से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि शराब के मामले में वर्ष 2017 में दर्ज मामलों में तीन गुना वृद्घि हुई है और साथ ही साथ गिरफ्तारी में भी चार गुना वृद्घि दर्ज की गई है। इसके अलावा देसी शराब और विदेशी शराब की बरामदगी में कई गुना वृद्घि हुई है।

बैठक में बताया गया कि अवैध शराब के व्यापार में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने के लिए पुलिस महकमे ने चार श्रेणियां बनाई हैं। प्रथम श्रेणी आपूर्तिकर्ता गिरोह है, दूसरी श्रेणी भंडारण गिरोह है, तीसरी श्रेणी वितरण कर्ता गिरोह है, जबकि चौथी श्रेणी लोकल रिसीवर गिरोह है।

नीतीश ने प्रत्येक गांव में बिजली के ट्रांसफॉर्मर वाले खंभे पर पुलिस और मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग का नंबर अंकित कराने के निर्देश दिए जिससे शराब की अवैध बिक्री या कारोबार के बारे में लोग अधिकारियों को जानकारी दे सकें।

नीतीश ने इस बात को लेकर भी निराशा जताई कि अवैध रूप से शराब के कारोबार करने वाले में निचले स्तर पर गिरफ्तारी तो हो जाती है मगर ‘किंग पिन’ नहीं पकड़े जाते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध शराब में शामिल बड़े आपूर्तिकर्ताओं और माफियाओं को चिन्हित कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

बैठक में शराब से लदे वाहनों की चेकिंग के लिए आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के बारे में भी जोर दिया गया। इसके तहत मुख्य सड़कों पर सीसीटीवी कैमरा, आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग लगाने की जरूरत पर बल दिया गया।

नीतीश ने पुलिस विभाग के अधिकरियों को अपराध नियंत्रण हेतु अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों को संबंधित जिलों में भेजकर पुलिस अधीक्षक से कांडों के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस उपमहानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अलग-अलग बैठक आयोजित कर अपराध नियंत्रण हेतु चिन्हित थाना क्षेत्र में विशिष्ट कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए ।

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