येरुशलम, 3 अगस्त (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को फिलिस्तीन से कब्जे वाले इलाके की एक यहूदी बस्ती में एक नए पड़ोस की स्थापना के लिए पत्थर की नींव रखी। यह इसी तरह के परिसर के पूर्व निवासियों की समायोजित करता है, जिसे उच्चतम न्यायालय द्वारा बंद किए जाने के साथ खाली कराया गया था।
समाचार एजेंसी एफे न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने बीटर इलिट में आयोजित स्थापना नींव संबंधी समारोह में हिस्सा लिया। यह पश्चिमी तटीय शहर इजरायल का सबसे बड़ा इलाका है।
उन्होंने कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद अमोना से खाली कराए गए निवासियों के लिए एक नई रिहायशी बस्ती के निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने इसे फिलिस्तीन के स्वामित्व वाली जमीन पर पाते हुए गैरकानूनी पाया था।
नेतन्याहू ने विश्वास दिलाया कि उनकी टीम अमोना के पूर्व निवासियों से उनके लिए नए घर बनाने संबंधी बातचीत के लिए कई बार मिली है।
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय कानून द्वारा किसी देश का अपनी जनसंख्या को अपने कब्जे वाले क्षेत्र में भेजने की पाबंदी के बाद ज्यादातर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय फिलिस्तीन से कब्जे वाली इस जमीन पर इन रिहायशी बस्ती को गैरकानूनी मानता है।
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र संघ, यूरोपीय संघ और ज्यादातर देश मानते हैं कि यह रिहायशी बस्ती इजरायल और फिलिस्तीन के बीच एक शांति समझौते पर पहुंचने की प्रमुख बाधा है।
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